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Pankhuri

बातें करके रुला ना दीजिएगा...
यू चुप रहके सज़ा ना दीजिएगा...

ना दे सके ख़ुशी, तो ग़म ही सही...
पर दोस्त बना के यूही भुला ना दीजिएगा...

खुदा ने दोस्त को दोस्त से मिलाया...
दोस्तो के लिए दोस्ती का रिस्ता बनाया...

पर कहते है दोस्ती रहेगी उसकी क़ायम...
जिसने दोस्ती को दिल से निभाया...

अब और मंज़िल पाने की हसरत नही...
किसी की याद मे मर जाने की फ़ितरत नही...

आप जैसे दोस्त जबसे मिले...
किसी और को दोस्त बनाने की ज़रूरत नही .

Vatsal

औरकुट songs...

बप्पी दा इश्टाईल:

औरकुटिंग बिना चैन कहां रे...
स्करैपिंग बिना चैन कहां रे...
सोना नहीं चांदी नहीं,औरकुट तो मिला
अरे औरकुटिंग कर ले....



तुम तो ठहरे औरकुटवाले..
साथ क्या निभाओगे...
सुबह पहले..
सुबह पहले मौके पे
नेट पे बैठ जाओगे...

तुम तो ठहरे औरकुटवाले...
साथ क्या निभाओगे..

...जॉनी वॉकर माफ़िक:

जब सर पे ख्याल मंडराएं,
और बिल्कुल रहा ना जाए..
आजा प्यारे औरकुट के द्वारे,
काहे घबराए... काहे घबराए shaheena औरकुट songs...

बप्पी दा इश्टाईल:

औरकुटिंग बिना चैन कहां रे...
स्करैपिंग बिना चैन कहां रे...
सोना नहीं चांदी नहीं,औरकुट तो मिला
अरे औरकुटिंग कर ले....

...अल्ताफ राजा शैली:

तुम तो ठहरे औरकुटवाले..
साथ क्या निभाओगे...
सुबह पहले..
सुबह पहले मौके पे
नेट पे बैठ जाओगे...

Hellraiser

अपने दिल को पत्थर का बना कर रखना ,
हर चोट के निशान को सजा कर रखना ।

उड़ना हवा में खुल कर लेकिन ,
अपने कदमों को ज़मी से मिला कर रखना ।

छाव में माना सुकून मिलता है बहुत ,
फिर भी धूप में खुद को जला कर रखना ।

उम्रभर साथ तो रिश्ते नहीं रहते हैं ,
यादों में हर किसी को जिन्दा रखना ।

वक्त के साथ चलते-चलते , खो ना जाना ,
खुद को दुनिया से छिपा कर रखना ।

रातभर जाग कर रोना चाहो जो कभी ,
अपने चेहरे को दोस्तों से छिपा कर रखना ।

तुफानो को कब तक रोक सकोगे तुम ,
कश्ती और मांझी का याद पता रखना ।

हर कहीं जिन्दगी एक सी ही होती हैं ,
अपने ज़ख्मों को अपनो को बता कर रखना ।

मन्दिरो में ही मिलते हो भगवान जरुरी नहीं ,
हर किसी से रिश्ता बना कर रखना ।

मरना जीना बस में कहाँ है अपने ,
हर पल में जिन्दगी का लुफ्त उठाये रखना ।

दर्द कभी आखरी नहीं होता ,
अपनी आँखों में अश्को को बचा कर रखना ।

मंज़िल को पाना जरुरी भी नहीं ,
मंज़िलो से सदा फासला रखना ।

सूरज तो रोज ही आता है मगर ,
अपने दिलो में ' दीप ' को जला कर रखना ।

Hellraiser

दो व्यक्ति एक बार में बैठे थे ......एक ने कहा
...." यार.... बहुत फेमिली प्रॉब्लम है "..

दूसरा व्यक्ति : तु पहले मेरी सुन........

मैंने एक विधवा महिला से शादी की जिसके एक लड़की थी ...
कुछ दिनों बाद पता चला कि मेरे पिताजी को उस विधवा महिला कि पुत्री से प्यार है ....और उन्होने इस तरह मेरी ही लड़की से शादी कर ली ...

अब मेरे पिताजी मेरे दामाद बन गए और मेरी बेटी मेरी माँ बन गयी....और मेरी ही पत्नी मेरी नानी हो गयी !!

ज्यादा प्रॉब्लम तब हुई जब जब मेरे लड़का हुआ ..अब मेरा लड़का मेरी माँ का भाई हो गया तो इस तरह मेरा मामा हो गया .......

परिस्थिति तो तब ख़राब हुई जब मेरे पिताजी को लड़का हुआ ....मेरे पिताजी का लड़का यानी मेरा भाई मेरा ही नवासा( दोहिता ) हो गया और इस तरह मैं स्वयम का ही दादा हो गया और स्वयम का ही पोता बन गया .....

......." और तू कहता है कि तुज्हे फेमिली प्रॉब्लम है

Vatsal

एक लडकी थी दीवानी सी
मोबाईल लेकर चलती थी
नज़रें झुका के
शर्मा के
मोबाईल मे जाने क्या देखा करती थी
कुछ करना था शायद उसको
पर जाने किस से डरती थी
जब भी मिलती थी मुझसे
येही पूछा करती थी
ये ओन कैसे होता है?
ये ओन कैसे होता है?

और मै सिर्फ येही कहता था
ये मोबाईल नही टी.वी का रिमोट ह

Hellraiser

बहूत खूबसूरत हो तुम, बहुत खूबसूरत हो तुम !
कभी मैं जो कह दूं मोहब्बत है तुम से !
तो मुझको खुदारा गलत मत समझना !
के मेरी जरुरत हो तुम, बहुत खूबसूरत हो तुम !

है फ़ुलों की डाली, ये बाहें तुम्हारी !
है खामोश जादू निगाहें तुम्हारी !
जो काटें हों सब अपने दामन में भर लूं !
सजाउं मैं इनसे राहें तुम्हारी !
नज़र से जमाने की खुद को बचाना !
किसी और से देखो दिल न लगाना !
के मेरी अमानत हो तुम !
बहुत खूबसूरत हो तुम !

है चेहरा तुम्हारा के दिन है सुनेहरा !
और उस पर ये काली घटाओं का पेहरा !
गुलाबों से नाजु़क मेहकता बदन है !
ये लब है तुम्हारा के खिलता चमन है !
बिखेरो जो जु़ल्फ़ें तो शरमाये बादल !
ये ताहिर भी देखे तो हो जाये पागल !
वो पाकीजा़ मुरत हो तुम !
बहुत खूबसूरत हो तुम !

मोहब्बत हो तुम, बहुत खूबसूरत हो तुम !
जो बन के कली मुस्कूराती है अक्सर !
शबे हिज्र मैं जो रुलाती है अक्सर !
जो लम्हों ही लम्हों मे दुनिया बदल दे !
जो शायर को दे जाये पेहलु ग़ज़ल की !
छुपाना जो चाहे छुपाई न जाये !
भुलाना जो चाहे भुलाई न जाये !
वो पेहली मोहब्बत हो तुम !
बहुत खूबसूरत हो तुम

Mark David

इतनी शक्ति हमे देना दाता, मन का विश्‍वास कमजोर हो ना!
हम चले नेक रस्ते पे हमसे भूल कर भी कोई भूल हो ना!

हर तरफ़ ज़ुल्म है बेबसी है, सहमा सहमा सा हर आदमी है!
पाप का बोझ बढता ही जाए, जाने कैसे ये धरती थमी है!
बोझ ममता का तू ये उठा ले, तेरी रचना का ये अंत हो ना!
हम चले.............

दूर अज्ञान के हो अंधेरे, तू हमे ज्ञान की रोशनी दे,
हर बुराई से बचते रहे हम, जितनी भी हो भली जिन्दगी दे,
बैर हो ना किसी से किसी का, भावना मन में बदले की हो ना,
हम चले ..........

हम ना सोचें हमे क्या मिला है, हम ये सोचे किया क्या है अर्पण,
फ़ूल खुशियों के बाँटे सभी को, सबका जीवन ही बन जाए मधुबन,
अपनी करूणा का जल तू बहा के, कर दे पावन हर इक मन का कोना,
हम चले.............

Mark David

जरुरत नहीं पडती, दोस्त की तस्वीर की.
देखो जो आईना तो दोस्त नज़र आते हैं, दोस्ती में..

येह तो बहाना है कि मिल नहीं पाये दोस्तों से आज..
दिल पे हाथ रखते ही एहसास उनके हो जाते हैं, दोस्ती में..

नाम की तो जरूरत हई नहीं पडती इस रिश्ते मे कभी..
पूछे नाम अपना ओर, दोस्तॊं का बताते हैं, दोस्ती में..

कौन केहता है कि दोस्त हो सकते हैं जुदा कभी..
दूर रेह्कर भी दोस्त, बिल्कुल करीब नज़र आते हैं, दोस्ती में..

सिर्फ़ भ्रम हे कि दोस्त होते ह अलग-अलग..
दर्द हो इनको ओर, आंसू उनके आते हैं , दोस्ती में..

माना इश्क है खुदा, प्यार करने वालों के लिये
पर हम तो अपना सिर झुकाते हैं, दोस्ती में..

ओर एक ही दवा है गम की दुनिया में क्युकि..
भूल के सारे गम, दोस्तों के साथ मुस्कुराते हैं, दोस्ती में

Mark David

दोस्ती नाम नहीं सिर्फ़ दोस्तों के साथ रेहने का.. बल्कि दोस्त ही जिन्दगी बन जाते हैं, दोस्ती में..
जरुरत नहीं पडती, दोस्त की तस्वीर की. देखो जो आईना तो दोस्त नज़र आते हैं, दोस्ती में..
येह तो बहाना है कि मिल नहीं पाये दोस्तों से आज.. दिल पे हाथ रखते ही एहसास उनके हो जाते हैं, दोस्ती में..
नाम की तो जरूरत हई नहीं पडती इस रिश्ते मे कभी.. पूछे नाम अपना ओर, दोस्तॊं का बताते हैं, दोस्ती में..
कौन केहता है कि दोस्त हो सकते हैं जुदा कभी.. दूर रेह्कर भी दोस्त, बिल्कुल करीब नज़र आते हैं, दोस्ती में..
सिर्फ़ भ्रम हे कि दोस्त होते ह अलग-अलग.. दर्द हो इनको ओर, आंसू उनके आते हैं , दोस्ती में..
माना इश्क है खुदा, प्यार करने वालों के लिये "अभी" पर हम तो अपना सिर झुकाते हैं, दोस्ती में..
ओर एक ही दवा है गम की दुनिया में क्युकि.. भूल के सारे गम, दोस्तों के साथ मुस्कुराते हैं, दोस्ती में..

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Hindi Scraps || Hindi Poetry

Started by Pari, December 18, 2006, 01:49:33 PM

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